चव्हाण को हाई कमान की पहली चपत
पीएमओ में बतौर राज्यमंत्री एक अर्सा गुजारने के बाद महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले पृथ्वीराज चव्हाण को लगता था कि प्रधानमंत्री और कांग्रेस हाई कमान से नजदीकी के कारण वे महाराष्ट्र में खुलकर फरुखावादी खेल खेलेंगे | इस लिए उन्होंने एलाने पृथ्वी कर दिया कि महाराष्ट्र सरकार के गठन में कुछ कटु निर्णय लेने पड़ेंगे | बस इत्ती जरा सी बात को मीडिया जगत ने समझ लिया कि पृथ्वी मंत्रिमंडल दूध से धुला झक सफेद बेदाग़ होगा | और मीडिया ने एक हफ्ते तक इसे मथकर दूध से बरास्ता दही, मट्ठा की तरह पनियाला कर दिया | जिससे मंत्रिमंडल गठन के बाद मंत्रियों के नामों को देखकर लोगों के मुहं में खटास पैदा हो गयी |
सच तो यह है कि मनमोहन और सोनिया से नजदीकी के कारण पृथ्वी बाबा ने यह मुगालता पाल लिया था कि वे जो कहेंगे या करेंगे हाई कमान उस पर आँख मूदकर अपनी मुहर लगा देगा | लेकिन हाई कमान ने मंत्रियों की जो लिस्ट पकडाई उसे नश्वर पृथ्वी बाबा के नीचे से जमीन खिसक गयी जिससे उन्हें शेषनाग का फन नजर आने लगा, जिस पर सारस्वत पृथ्वी माता टिकी हैं | इस तरह उन्हें अबोल इशारे में समझा दिया गया कि चूंकि वास्तविक पृथ्वी भी शेषनाग के फन पर ही टिकी है | इस लिए तुम अपने भी नाम की सार्थकता सिद्ध करते हुए मंत्रिमंडल में फनकार / फनधारी मंत्रियों को टिकाओ |
इस तरह राजनैतिक जीवन में पहली बार पृथ्वी बाबा को यह ज्ञान हुआ होगा को हाई कमान क्यों हाई कमान कहलाता है | क्योंकि हाई मतलब ऊंचा और कमान मतलब आकृतिक रूप से टेढा | सिद्ध यह हुआ कि जो ऊंचा और टेढा हो उसे हाई कमान कहते हैं | उम्मीद है कि इसे समझने के लिए पृथ्वीराज चव्हाण को भविष्य में ट्यूशन लेने की जरूरत नही पड़ेगी |
खबर है कि मुख्यमंत्री घोषित होते ही स्वच्छता के नाम पर मंत्री सफाई की झाडू मार अभियान चलाने की शंका के मद्देनज़र यहाँ के फनकार नेताओं ने पृथ्वी बाबा की कुंडली की भी हाई कमान के सामने पटेलगिरी करवा दी | कि वर्तमान चव्हाण की कमीज भी भूतपूर्व चव्हाण की कमीज से कोई ख़ास उजली नही है | पृथ्वीराज चव्हाण ने भी अजमेरा बिल्डर द्वारा निर्मित वीनस को-आपरेटिव हाउसिंग सोसायटी वडाला में आर्थिक पिछड़े वर्ग के कोटे से अपनी वार्षिक आय मात्र ७६ हजार रूपये बताकर फ़्लैट हथियाया है | जिसका ब्योरा उन्होंने राज्यसभा चुनाव के दौरान अपनी संपत्ति घोषणा के दौरान नही दिया है | इसलिए उन्होंने भी जनप्रतिनिधित्व कानून १९५१ के मुताबिक़ आदर्श आचार संहिता का घोर उलंघन किया है | इस तरह हाई कमान ने फुदक रहे पृथ्वी को टप्पू मारकर जमीन दिखा दिया |
मुनीर अहमद मोमिन
bahut achcha hai "high caman" ki nai mening aaj maloom huee,................
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