नीतीश फिनीश हो गया ये लालू के शत प्रतिशत शब्दशः वे बोल हैं जो लगभग आज से डेढ़ दशक पहले लालू यादव ने नीतीश कुमार द्वारा अपना साथ छोड़ने के बाद पटना के एक प्रेस कान्स्फ्रेंस में नीतीश का मखौल उड़ाते हुए कहा था | ये बोल लालू और नीतीश सहित मीडिया वाले भी भूल गए थे | लेकिन बिहार विधान सभा के हुए चुनाव में बिहारी जनता ने उस लालू जी को ही कम्प्लीट फिनीश कर दिया, जिन्होंने अपनी लुगाई को एक लम्बे अर्से तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर चिपकाकर चरवाहा की तरह पूरे बिहार को हांका है | हालाँकि तमाम खबरिया चैनलों सहित अखबारों में बिहार के चुनाव बाबत इतना विश्लेषण हो चुका है कि अब इस विषय पर चर्चा करना कुछ खास नहीं होगा | फिर भी इस सम्बन्ध में बहुत सारे अनछुए पहलू हैं जिन्हें कांग्रेस, लालू, पासवान सहित उस भाजपा को भी गौर करना पड़ेगा जो बिहार में ९० फीसदी से भी ज्यादा मिली अपनी अप्रत्याशित जीत से बम-बम है | यूँ तो सोशल इंजीनियरिंग के नाम पर भारतीय राजनीति में गैर कांग्रेस और गैर भाजपा लगभग सभी नेताओं ने अपनी-अपनी दुकान खोल रखी है | लेकिन नीतीश कुमार को छोड़कर शायद किसी ने आम जनता की नब्ज पकड़कर इस तरह का शुद्ध देशीय उपचार किया हो |
मुनीर अहमद मोमिन
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