एमपी साहेब का नो बाल
आज दिनांक १३ नवंबर को धागों के भाव में हुए बेतहाशा वृद्धि को लेकर विधायक अब्दुल रशीद ताहिर मोमिन की पहल पर हुई एक सर्वदलीय बैठक में अपने को भिवंडी का प्रथम सांसद कहलाने का प्रबल राज रोग पाले श्री सुरेश टावरे के हवाले से कही गयी यह बात लोग डेढ़ दर्जन पचनोल की गोली खाकर भी यह नही पचा पा रहे हैं कि उन्हें पावरलूम से जुडी समस्याओं के बारे में उन्हें कोई बताता नही | जिससे वे उसका निदान कर सकें | श्री टावरे देश की संसद में उस शहर का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसे देश की विद्युत करघा नगरी और हिन्दुस्तान का मानचेस्टर कहा जाता है | इतना ही नही यह शहर देश की आवश्यकता का कमोबेश तकरीबन ५० फीसदी कपड़े की आपूर्ति अकेले करता है | और यदि ऐसे शहर का कोई जनप्रतिनिधि सार्वजनिक मंच से यह कहे कि उसे इस शहर की रीढ़ के हड्डी की हैसियत वाले पावरलूम उद्योग के लिए लगने वाले धागों की कीमतों की कोई जानकारी नही है तो हमारे समझ से इस पर कोई टिप्पणी करना "टिप्पणी शब्द" के साथ बलात्कार करने जैसा है | आखिर टावरे साहेब जैसी महान आत्माएं राजनीति में किस मकसद से आती हैं | जिन्हें शहर की समस्याओं, उद्योगों,क्रियाकलापों और भौगोलिक स्थितियों आदि की जानकारी ही नही होती | यहाँ की आम जनता प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह सहित कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गाँधी से निवेदन करती है कि यदि कांग्रेस अपने जनप्रतिनिधियों के लिए क्षेत्रीय संवेदनहीनता का कोई जन पुरस्कार निकट भविष्य में तय करने वाली है तो हमारे शहर के प्रथम सांसद के नाम को ही इस प्रथम पुरस्कार के लिए प्राथमिकता के साथ अवश्य चयनित करें |ताकि पूरा देश जान सके मजदूर बहुल्य भिवंडी शहर का एमपी भी वुद्धि विवेक से मजदूर बहुल्य ही है | ............... मुनीर अहमद मोमिन
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