देश में खूब हो रही है भ्रष्टाचारी चकल्लस
लगता है वकील बाप-बेटे शांतिभूषण और प्रशांत भूषण आज-कल शनि की साढ़े साती की चपेट में चल रहे हैं | लोक-जनपाल विधेयक के लिए ड्राफ्टिंग के मद्देनजर बनी सिविल सोसायटी कमेटी के गठन के समय ही पेट 'फुलाने-पचकाने' के योग वाले बाबा रामदेव द्वारा इनके विरोध में चलाए गए 'रामबाण' का प्रभाव दिनों-दिन गहराता ही जा रहा है | बाबा के बाद इन दोनों बाप-बेटों पर इलाहाबाद में एक मकान की खरीददारी पर स्टैम्प ड्यूटी बचाने या चुराने का आरोप लगा | फिर कल-परसों एक सीडी हवा में तैरती हुई भूचाल लेकर आई | जिसमें पूर्व क़ानून मंत्री और कानूनी पहलवान शान्ति भूषण को मुलायम सिंह यादव का एक मामला निपटाने के लिए किसी जज को पटाने के एवज में चार करोड़ रूपयों के लेन-देन की बात कही गई है | इसकी 'सेटिंग' कराने में बड़े कद के बड़े भैया अमिताभ के छोटे कद के छोटे भैया अमरसिंह का नाम है | फिर क्या था खबरिया चैनलों द्वारा इस सीडी प्रकरण की खूब खबर ली गई | जिसके कारण सिविल सोसायटी के सदस्य और शान्ति भूषण के चिरंजीव व नूरे नजर प्रशांत भूषण को अपने बाप के बचाव में आना पड़ा |
प्रशांत का कहना था कि उनके पिता ने २००६ में जो सीडी सुप्रीम कोर्ट में जमा की थी | उसी सीडी से मुलायम की आवाज़ उठाकर इस सीडी में डाली गई है | इस सीडी में अमर सिंह यह कह रहे हैं कि मेरे एक जज से अच्छे संबंध हैं | जिनसे मैं कुछ भी काम करवा सकता हूँ | ध्यान देने योग्य बात यह है कि प्रशांत ने कहा कि इसके पीछे अमर सिंह का हाथ हो सकता है | और चार करोड़ की बात किसी दूसरे सन्दर्भ में कही गई होगी | जिसे इस सीडी से जोड़ा गया है | लेकिन वे यह बताने में नाकाम रहे कि यह चार करोड़ की बात किस प्रसंग में कही गई है | जिसे इस सीडी से जोड़ा गया है | रहा सवाल अमर सिंह का तो इस बात से किसी को इन्कार नहीं होना चाहिए कि अमरसिंह के जज से अच्छे संबंध हैं | लोगों को याद होगा कि इसी तरह का एक सीडी प्रकरण अमर सिंह का भी हुआ था | जिसमें जिगर से बीडी जलाकर कलेजे से धुंआ निकालने वाली बंगाली बाला विपाशा बसु सहित अनेक अभिनेत्रियों की बहुत ही रंगीन-संगीन बातें थीं | जिसका कुछ अंश उस समय देश के एक बड़े अखबार समूह में एक दिन छपा भी था | लेकिन सुप्रीप कोर्ट ने अमर सिंह की याचिका पर उस सीडी के प्रसारण और उसका अंश अखबारों में छपने पर रोक लगा दी थी |
जबकि इसी तरह के कुछ मिलते-जुलते मामले को लेकर अभी तक कथित कुवांरे देश के सबसे प्रतिष्ठित उद्योग पति रतन टाटा भी लगभग छः माह पहले नीरा राडिया से अपनी बात-चीत के टेप के प्रसारण व उसके अंशों के प्रकाशन पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था | लेकिन एक जैसे ही मामले में अमर सिंह को राहत देने वाली सर्वोच्च अदालत ने रतन टाटा को किसी प्रकार का कोई राहत देने से साफ इन्कार कर दिया | हालांकि दोनों ही मामलों में ' इलू-इलू ' कामन यानी उभय पक्ष था | न्यायदेवी के गलियारों से भी अक्सर ऐसी बातें बाहर आती रहीं हैं | जो बाहरी दुनिया में चर्चा का विषय रही हैं | भले ही दबी जबान से ही हों | देश के पहले दलित मुख्य न्यायाधीश के.जी. बालकृष्णन बसपाइयों की बहन और दौलत की बेटी सारी दलित की चिरकुवांरी बेटी मायावती को अपनी मुंह बोली बेटी का दर्जा दे रखे थे | उसी दौरान ताज कारीडोर सहित कई एक मामलों में बहन जी को बेटी होने का 'राहत-लाभ ' नसीब हुआ था |
मुनीर अहमद मोमिन
मुनीर साहब ! बहुत अच्छा लिखा आपने .
ReplyDeleteआप Dashboard>settings>Comment में जाकर वर्ड वेरिफिकेशन हटायें कमेन्ट करने वालों को दिक्क़त होती है और अपने ब्लॉग को हमारी वाणी पर पंजीकृत कराएँ . बहुत लोग आपको पढेंगे . लिंक यह रहा
ReplyDeletehttp://www.hamarivani.com/
good
ReplyDeletemuneer Ji bahut achcha aur satik likh rahe hai.. BE-LAGAM Sarthak ho raha hai.. badhai..
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