विशेषाधिकार हनन सहित खेर के घर पर पथराव
अण्णा हजारे के अनशन को समर्थन देने पहुंचे हिन्दी फिल्मों के मशहूर खलनायक अनुपम खेर द्वारा अति उत्साहित होकर अथवा कांग्रेस की अतिरंजना में एक खबरिया चैनल को कथित रूप से भारतीय संविधान विरोधी उनका दिया गया बयान खेर के गले की हड्डी बनता जा रहा है | संविधान के खिलाफ कथित टिप्पणी करने पर अनुपम खेर के विरूद्ध नौ अप्रैल को महाराष्ट्र के विधान सभा में प्रश्न काल के दौरान शरद पवार की पार्टी राकांपा के विधायक जितेन्द्र आव्हाड ने यह मुद्दा उठाते हुए सदन को बताया कि एक खबरिया चैनल पर अनुपम खेर ने बार-बार संविधान के खिलाफ निन्दात्मक बात की है | साथ ही साथ उन्होंने विधायिका (सदन) की भी अवमानना करते हुए कहा है कि वे विधान सभा में उठने वाले मुद्दों की परवाह नहीं करते |
सबसे गौरतलब बात तो यह है कि जहाँ राकांपा के विधायक ने इस मुद्दे को जिस समय सदन के समक्ष उठाया उस समय कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायकों का समर्थन तो समझ में आता है | लेकिन राज ठाकरे की महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के बाला नांदगांवकर और भाजपा के सुधीर मुनगंटीवार और प्रकाश शेंडगे का अनुपम खेर के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की माँग समझ से परे है | क्योंकि खेर की छवि हमेशा भाजपा समर्थक की रही है | यहाँ तक कि उनकी पत्नी किरण खेर भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की स्थाई आमंत्रित सदस्य हैं | केंद्र में भाजपा की ही सरकार में वे फिल्म सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष बने थे | बाद में मनमोहन सरकार के आने पर उन्हें हटाकर क्रिकेटर नवाब पटौदी की अभिनेत्री बीवी शर्मिला टैगोर को सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था | उस समय भी अनुपम खेर ने काफी उछल-कूद मचाया था | तब से उनकी कांग्रेस से तना-तनी जगजाहिर है |
बहरकैफ यहाँ भाजपा के सुधीर मुनगंटीवार का विधान सभा में दिया गया बयान भी काबिले गौर है |मुनगंटीवार ने खेर की जमकर खैरियत लेते हुए कहा है कि खेर ने कथित रूप से कहा था कि 'संविधान को फेंक देना चाहिए' | मुनगंटीवार की दलील है कि, " संविधान की वजह से ही हर नागरिक को बोलने की आज़ादी मिलती है | लेकिन इस आज़ादी के दुरूपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती | सदन के अन्य सदस्यों ने भी संविधान का अपमान करने पर खेर को सलाखों के पीछे भेजने की पुरजोर माँग की | हालांकि खबरिया चैनलों के माध्यम से खेर ने अपनी सफाई दे दी है, इसके बावजूद यह मामला थमता नजर नहीं आ रहा है |
इस बीच जबकि आगामी १४ अप्रैल को संविधान के रचयिता डा. बाबा साहेब भीमराव आम्बेडकर की जयंती है | ऐसे मौके पर खेर द्वारा की गई टिपण्णी से नाराज़ भारतीय रिपब्लिकन पार्टी (आरपीआई) के कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से कल आठ बजे के करीब खेर के घर पर पथराव किया |
Shri Anupam Kher ko koi bhi byaan bazi karne se pahele Bharat ke sanvidhan ko padhne ki zaroorat hai, samjh mein nahi aata unki is harkat par mamooli mamooli si baton par awaz uthane wale unke filmi dost khamosh kyon hain?
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