Tuesday, May 24, 2011

सड़कछाप मजनुओं के लिए सरकारी ससुराल का इंतजाम

      अब लड़कियों का पीछा करने वालों की खैर नहीं !

         लगता है अब देश के सडक छाप मजनूओं और इनके जुड़वे भाइयों रोड रोमियों मंडली के दिन लदने को आ रहे हैं | क्योंकि यदि राष्ट्रीय महिला आयोग की चली तो देश में लडकियों का पीछा करना अब पंजीकृत अपराध की श्रेणी में आ जाएगा | इसके लिए भारतीय दंड संहिता (IPC) में पृथक धारा जोड़कर सात साल तक की सजा के प्रावधान की बात कही गई है | फिलहाल लडकियों का पीछा कर उन्हें परेशान करने वालों के खिलाफ स्पष्ट क़ानून के अभाव में अपराधी बच निकलते हैं | स्कूल, कालेजों व कार्यालयों में आने-जाने वाली लडकियों और महिलाओं की सुरक्षा की लिहाज से प्रस्ताव को एक कारगर रक्षात्मक कानूनी हथियार माना जा रहा है | महिला आयोग ने प्रस्तावित यौन-उत्पीडन विधेयक में संशोधन कर नया विधेयक हाल में सरकार के पास भेजा है | 
         आयोग ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए केंद्र के पास यौन-उत्पीडन विधेयक पहले ही भेज रखा है | विधेयक को धारदार बनाने के लिए इसमें संशोधन कर फिर नया विधेयक गृह मंत्रालय को भेजा है | इसमें आई. पी. सी. की धारा 509 (बी) के तहत महिलाओं पर हमला अथवा उन्हें शारीरिक या मानसिक क्षति पहुँचाने के उद्देश्य से उनका पीछा करने वालों के लिए सात वर्ष तक का कारावास या जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान प्रस्तावित है | हाल ही में दिल्ली विश्व विद्यालय की एक छात्रा का पीछा कर एक युवक ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी | इसके बाद महिला आयोग ने दिल्ली के विभिन्न कालेजों में जन सुनवाई की थी | तब उसे लडकियों का पीछा कर उन्हें नुकसान पहुँचाने या ऐसी चेष्टा करने वालों के खिलाफ ठोस कानूनी कारवाई की जरूरत महसूस हुई | इसके मद्देनजर प्रस्तावित विधेयक में संशोधन कर गृह मंत्रालय भिजवाया गया | इस बात महिला आयोग का स्पष्ट कथन है कि हाँ, हम महिलाओं की सुरक्षा को आश्वत करना चाहते हैं | इके लिए वास्तविक यौन-उत्पीडन विधेयक में संशोधित विधेयक के आने से लडकियों और महिलाओं का पीछा करने वालों पर अंकुश लग सकेगा |     
         उल्लेखनीय बात यह है कि इसके पहले से ही प्रस्तावित महिला यौन-उत्पीडन बिल में काम-काजी महिलाओं के सन्दर्भ में प्रस्तावित इस नए क़ानून के तहत किसी भी पुरूष साथी द्वारा कार्य स्थल पर अपनी महिला साथी के साथ अप्रिय यौन आचरण, अश्लील मौखिक टिप्पणी, शारीरिक संपर्क, द्वीअर्थी बातें, छेड़-छाड़, सूक्ष्म यौन इशारे, अश्लील मजाक, चुटकुले, महिला को अश्लील साहित्य दिखाना (शाब्दिक, इलेक्ट्रानिक अथवा मुद्रित), यौन एहसान की मांग या अनुरोध, अन्य  कोई अप्रिय शारीरिक, मौखिक या गैर मौखिक क्रिया | ये सब इस नए महिला यौन उत्पीड़न के तहत आते हैं |
                                                           मुनीर अहमद मोमिन 

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