पुरूषों की अपेक्षा महिलाओं की संख्या में हो रही है कमी
देश में हुए 2011 की जन गणना के मुताबिक़ भारत देश की जन संख्या अब एक अरब 21 करोंड हो गई है | लेकिन चिंता की बात यह है कि आबादी बढ़ने के साथ-साथ हमारे देश की साक्षरता का अनुपात उतना नहीं बढ़ा है | दरअसल शिक्षा और लोगों की साक्षरता ही देश का विकास तथा उसकी प्रगति का रास्ता खोलती है | जब हम भारत की बात करते हैं तो विश्व में जनसंख्या की दृष्टी से भारत दूसरे स्थान पर आता है | हमारे देश के कथित बुद्धिजीवियों व जानकारों का मत है कि हमारी बढ़ती जनसंख्या ही हमारे विकास के रास्ते में सबसे बड़ा पत्थर है | लेकिन इस अवधारणा को गलत साबित करते हुए विश्व में सबसे घनी आबादी वाला देश चीन आज पूरी दुनिया से अकेले लोहा लेने के लिए तैयार है | उसके सामने तो जनसंख्या कोई पत्थर नहीं बन पा रही है | इसका मतलब यह है कि चीन लगभग 100 फीसदी साक्षर हो चुका है | हमारा देश साक्षरता की दौड़ में अभी भी पिछड़ा हुआ है |
जनसंख्या के आंकड़ों पर ध्यान दें तो 2001 के जनगणना के अनुसार देश में साक्षरता का प्रतिशत 64.83 था | 2011 की जनगणना में यह बढ़कर 74.09 फीसदी हो गया है | यानि 10 वर्षों में कुल वृद्धि 9.2 फीसदी हुई | अर्थात एक वर्ष में साक्षरता एक फीसदी भी नहीं बढ़ रही है | यदि देश में पुरूषों एवं महिलाओं में साक्षरता के अलग-अलग आंकड़ों को देखें तो महिलाओं में साक्षरता बढ़ी है | पुरूष साक्षरता 75.26 फीसदी से बढ़कर 82.14 फीसदी हुई अर्थात 6.9 फीसदी बढ़ोत्तरी | जबकि महिलाओं का साक्षरता 53.67 के मुकाबले 65.46 फीसदी बढ़ी यानि 11.8 फीसदी की वृद्धी हुई | इस दृष्टी से देखा जाए तो देश में लडकों या यह कहें कि पुरूषों की साक्षरता में पिछले 10 वर्षों में बढ़ोत्तरी तो हुई पर महिलाओं से कम | जबकि इस जनगणना में लिंगानुपात के चौंकाने वाले आंकड़े भी सामने आए हैं | जिनमें बहुत से राज्यों में लडकियों की संख्या लडकों के मुकाबले घटती जा रही है | लडकियाँ कम हो रही हैं पर फिर भी पढ़ रही हैं | लडके अधिक हैं फिर पढ़ क्यों नहीं रहे हैं | इसका उत्तर बाल मजदूरी के रूप में काम करते बच्चों से जरूर मिल जाएगा | कहने का तात्पर्य यह है कि लडके शिक्षा को छोड़कर ज्यादतर बाल मजदूरी, अपराध की दुनिया और छोटे-मोटे गलत कामों की ओर अग्रसर हो रहे हैं | इस प्रकार वर्ष 2011 में देश के अलग-अलग राज्यों के साक्षरता के आंकड़ों को जानने के बाद एक तस्वीर यह उभरकर सामने आती है कि देश में निरक्षरों की संख्या में 3.11 करोड़ की कमी आई है | पिछले 10 वर्षों में जहां 1.40 करोड़ परुष साक्षर हुए वहीं 1.71 करोंड महिलाएं साक्षर हुई हैं | इस तरह देखा जाए तो देश में महिलाओं की साक्षरता की दर में 11.8 फीसदी का इजाफा हुआ है |
मुनीर अहमद मोमिन
No comments:
Post a Comment