प्रलय बाबत धर्मग्रन्थों के नज़रिए पर एक नज़र
आज के दिन दुनिया सलामत है | कैंपिंग की भविष्यवाणी गलत साबित हुई | सही साबित हुआ तो केवल आम लोगों का विश्वास और वैज्ञानिकों का तर्क | बता दें कि इसाई धर्म की पवित्र पुस्तक बाइबिल के हवाले से दावा किया गया है कि २१ मई २०११ को दुनिया खत्म होने की शुरुआत हो जायेगी | यह घोषणा कैलीफोर्निया के धार्मिक प्रसारणकर्ता फैमिली रेडियो के अध्यक्ष हेरोल्ड कैंपिंग ने बाइबिल की तारीखों की गणना के बाद कहा था कि २१ मई २०११ को दुनिया के खत्म होने की शुरुआत हो जायेगी और २१ अक्टूबर २०११ तक दुनिया पूरी तरह से खत्म हो जायेगी | इस विनाश की शुरुआत न्यूजीलैंड से होनी थी | ८९ साल के कैंपिंग ने १९९४ में भी ऐसी भविष्यवाणी की थी | तब भी कुछ नहीं हुआ था और उन्होंने कहा था कि गणना में गडबडी हो गई | अमेरिका में ८६ साल पहले १९२५ में भी ऐसी ही भविष्यवाणी की गई थी | सेवंथ डे एडवेंटिस्ट चर्च के अनुयायी राबर्ट रेट ने छह फरवरी १९२५ को दुनिया के खत्म होने की भविष्यवाणी की थी | टाइम मैगजीन ने उस तारीख के दो दिन पहले ही बताया था कि रेट ने अपनी संपत्ति बेच दी थी |. वह तारीख आई और चली गई | अलग-अलग समय पर ऐसी भविष्यवाणियां की गईं | वैसे सुनामी, भूकंप, बाढ़ जैसी त्रासदियाँ आती रहती हैं | लेकिन इनका ऐसी भविषवाणी से कोई मतलब नहीं है | हालांकि दुनिया के खत्म होने की भविष्यवाणी को लेकर लोगों के मन में काफी उत्सुकता रही |
प्रलय शब्द का जिक्र लगभग हर धर्मग्रन्थों में मिलता है | इस्लाम धर्म में भी कयामत के दिन का जिक्र है | पवित्र कुरआन में लिखा है कि कयामत का दिन कौन सा होगा इसकी जानकारी सिर्फ अल्लाह को है | इसमें भी जलप्रलय का ही उल्लेख है | एक नबी नूह अलैहिस्सलाम को अल्लाह का आदेश मिलता है कि जलप्रलय होने वाला है | एक नौका तैयार करके सभी कौम के दो-दो मर्द औरतों को लेकर उसमें बैठ जाओ | इसी तरह बाइबिल में भी प्रलय का उल्लेख है | जब ईश्वर नोहा से कहते हैं कि महाप्रलय आने वाला है तुम एक बड़ी नौका तैयार करो, जिसमें अपने परिवार और सभी जाति के दो-दो जीवों को लेकर बैठ जाओ | क्योंकि सारी धरती जलमग्न होने वाली है | इसी तरह चीन के धार्मिक ग्रन्थ आईचिंग व द नेशनल फिल्म ऑफ़ कनाडा ने भी प्रलय संबंधी मतों को बल दिया है | लेकिन विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता के प्रतीक ५१२३ वर्ष पुराने टांकरी कलेंडर ने इस बात को पूरी तरह से नकार दिया है | पुराणों के मुताबिक़ काल को चार युगों में बांटा गया है | हिन्दू मान्यताओं के अनुसार जब चार युग पूरे होते हैं तो प्रलय होती है | इस समय ब्रह्मा सो जाते हैं और जब जागते हैं तो संसार का पुनः निर्माण करते हैं और एक नये युग का आरंभ होता है | महाभारत में भी कलियुग के अंत में प्रलय होने का जिक्र है | लेकिन यह किसी जल प्रलय से नहीं बल्कि धरती पर लगातार बढ़ रही गर्मी से होगा | महाभारत के वनपर्व में उल्लेखित है कि सूर्य का तेज इतना बढ़ जाएगा कि सातों समुद्र और नदियाँ सूख जायेंगी | संवर्तक नाम की अग्नि धरती को पाताल तक भस्म कर देगी | वर्षा पूरी तरह से बंद हो जायेगी | सब कुछ जल जाएगा | इसके बाद फिर १२ वर्षों तक लगातार बारिश होगी जिससे सारी धरती जलमग्न हो जायेगी |
नास्त्रेदेमस ने प्रलय के बारे में बहुत स्पष्ट लिखा है कि मैं देख रहा हूँ कि एक आग का गोला पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है, जो धरती से मानव के काल का कारण बनेगा | एक अन्य जगह नास्त्रेदेमस लिखतें हैं कि एक आग का गोला समुद्र में गिरेगा और पुरानी सभ्यता के समस्त देश तबाह हो जायेंगे | केवल धर्मग्रन्थों में ही नहीं बल्कि कई देशों में वैज्ञानिकों ने भी प्रलय की अवधारणा को सही माना है | कुछ महीनों पहले अमेरिका के कुछ वैज्ञानिकों ने घोषणा की है कि १३ अप्रैल २०३६ को पृथ्वी पर प्रलय हो सकता है | खगोलविदों के अनुसार अन्तरिक्ष में घूमने वाला एक ग्रह एपोफिस ३७०१४.९१ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पृथ्वी से टकरा सकता है | इस प्रलयकारी भिडंत से हजारों लोगों की जान भी जा सकती है | हालांकि नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है | इसी तरह माया कैलेंडर भी कुछ इसी तरह की भविष्यवाणी कर रहा है | साउथ ईस्ट मैक्सिको के माया कैलेंडर में २१ दिसंबर २०१२ के बाद की तिथि का वर्णन नहीं है | कैलेंडर उसके बाद पृथ्वी का अंत बता रहा है | माया कैलेंडर के मुताबिक़ २१ दिसंबर २०१२ में एक ग्रह पृथ्वी से टकराएगा, जिससे सारी धरती खत्म हो जायेगी | करीब २५० से ९०० इसा पूर्व माया नामक एक प्राचीन सभ्यता स्थापित थी | ग्वाटेमाला, मैक्सिको, होंडुरास तथा यूकाटन प्रायद्वीप में इस सभ्यता के अवशेष भी खोजकर्ताओं को मिले हैं |
मुनीर अहमद मोमिन
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