Wednesday, December 8, 2010

राजनेताओं और नौकरशाहों की थुक्का-फजीहत

                           घोटालों के लिए समर्पित रहा वर्ष - २०१०


       लगता है वर्ष २०१० जाते-जाते कई राजनेताओं, नौकरशाहों सहित मीडिया का भी बैंड बाजे के साथ बारात निकालकर ही जायेगा | केन्द्रीय पूर्व दूरसंचार मंत्री ए.राजा, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, भारतीय प्रशासनिक सेवा के रवि इन्दर सिंह और उत्तर-प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव नीरा यादव तो पैदल हो ही गए | महाराष्ट्र में प्रशासनिक सेवा के रामानंद तिवारी,सुभाष लाला, एमएमआरडीए के आयुक्त रत्नाकर गायकवाड़, एनडीटीवी की बरखा दत्त, हिंदुस्तान के वीर संघवी  सहित दर्जनों पत्रकारों आदि-इत्यादी की जमकर चंहुओर थुक्का-फजीहत हो रही है | इसी दौरान आजम खान की सपा में इंट्री के साथ ही मुलायम सिंह यादव का अनाज घोटाला भी फिर उत्तर-प्रदेश में कुलांचे मारने लगा है | जानकारों का मानना है कि किसान प्रदेश के किसान नेता मुलायम के राज का अनाज घोटाला टू -जी घोटाले का "बड़का अब्बा" साबित हो रहा है | खैर राजा अगर निकट भविष्य में जेल जाते हैं तो तमिलनाडू के लिए यह कोई नई बात नहीं होगी | क्योंकि शुरू-शुरू में ए. राजा के मामले में धृतराष्ट बने चश्माधारी एम. करूणानिधि और चिरकुवांरी अम्मा जे. जयललिता जेल लाभ अर्जित कर चुके हैं | यहाँ तक कि मुलायम के नवोदित बिहारी सखा लालू प्रसाद यादव भी जेल के लिट्टी-चोखा का स्वाद ले चुके हैं | अमर सिंह की यह धमकी कि, मैं मुंह खोल दूंगा तो मुलायम जेल चले जायेंगे ये गलत साबित हो सकता है ? क्योंकि उनके मुंह में अभी ढक्कन लगे रहने  के बावजूद उत्तर-प्रदेश में अनाज की बोरी का मुंह खुल गया है | इसका श्री गणेश मुलायम के अथक प्रयास व पैंतरेबाजी से कभी उत्तर-प्रदेश की मुख्यसचिव बनी नीरा यादव की जेल यात्रा से हो चुका है | भूमि आवंटन घोटाले में जेल गईं नीरा यादव देश की एकमात्र  ऐसी महिला मुख्यसचिव हैं जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोप के चलते उच्चतम न्यायालय के आदेश पर मुख्यसचिव के पद से हटाया गया था | राजनीति में अव्वल रहने वाले उत्तर-प्रदेश का अनाज घोटाला भी देश के अन्य घोटालों का बाप साबित होगा | क्योंकि यह लगभग ३५ हजार करोड़ का अनाज घोटाला है | गरीबों के लिए मुफ्त अनाज योजना (बीपीएल), अन्त्योदय योजना, काम के बदले अनाज वाली जवाहर रोजगार योजना एवं मिड डे मिल योजना के तहत हुए अनाज के महाघोटाले के खिलाफ उत्तर-प्रदेश में लगभग ५००० एफ.आई.आर. भी दर्ज हुए हैं | जिसमें लगभग ३० हजार सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की भी गर्दन नपने की आशंका है | इस बाबत इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंड पीठ ने पिछले तीन दिसंबर को अनाज घोटाला मामले को सीबीआई के सुपुर्द करते हुए ६ माह के भीतर जाँच पूरा करने का आदेश दिया है | इस फैसले को लेकर बहन मायावती भले ही बम-बम हैं, लेकिन वह भी कुछ नहीं कम हैं |
                                                                                               मुनीर अहमद मोमिन            

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