रशीद की गुगली : आउट हुए टावरे और दलवी
मुनीर अहमद मोमिन .
भिवंडी के विधायक रशीद ताहिर के अथक प्रयास से इसी २७ जनवरी को ठाणे जिला भूसंपादन विभाग द्वारा भिवंडी मनपा को धामनकरनाका कब्रिस्तान की जमीन का हस्तांतरण कर दिया जाएगा | जिससे भिवंडी के एक बहुत बड़े मुस्लिम आबादी वाले धामनकरनाका इलाके में वर्षों से चली आ रही कब्रिस्तान की समस्या का अब समुचित निदान हो जाएगा |
मालूम हो कि धामनकरनाका से लेकर अंजूरफाटा इलाके तक कोई भी कब्रिस्तान न होने के का रण यहाँ के मुसलमान समुदाय के लोगों को मय्यत लेकर लगभग पाँच किमी दूर भुसार मोहल्ला जाना पड़ता था | जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ ता था | जिसके कारण २००३ से ही कब्रिस्तान की माँग जोर पकड़ने लगी थी | उस समय यहाँ के लोगों ने मनपा मुख्यालय पर एक ऐतिहासिक मोर्चा निकालकर सर्वे नं. ३१० पर कब्रिस्तान बनाने की माँग मनपा आयुक्त से की थी | उस मोर्चे में शामिल लोंगों को तत्कालीन विधायक अब्दुल रशीद ता हिर मोमिन ने जहाँ उक्त जमीन को कब्रिस्तान के लिए आरक्षित करवाने के लिए राज्य सरकार से जी.आर. निकलवाने का आश्वासन दिया था | वहीं अब के सांसद और तब के मेयर सुरेश टावरे ने मोर्चे में शामिल लोगों को भरोसा दिलाया था कि सर्वे नं. ३१० में स्वयं उनका पावरलूम कारखाना है | यदि राज्य सरकार उस जमीन को कब्रिस्तान के लिए आरक्षित करती है तो वह सबसे पहले अपना कारखाना तोड़ देंगे | विधायक रशीद ताहिर मोमिन ने एक महीने के अंदर ही सर्वे नं. ३१० को कब्रिस्तान के लिए आरक्षित करवाने का अपना वादा तो पूरा कर दिया | लेकिन सुरेश टावरे ने अपनी ज़मीन बचाने के लिए वहां के कुछ अन्य लोंगों के साथ उच्च न्यायालय से स्टे ले लिया जिसका खामियाजा भी उन्हें मनपा के चुनाव में अपनी ज़मानत जप्त कराकर भुगतना पड़ा | तब से यह मामला राजनैतिक रूप लेकर ठंडे बसते में चला गया | सुरेश टावरे के कारण साईट नंबर ३१० का मामला कोर्ट-कचहरी में फंस जाने के कारण ठप्प पड़ गया |
सुरेश टावरे के कारण मामला हाईकोर्ट में चले जाने के बाद में मनपा ने कब्रिस्तान की जमीन के लिए सर्वे नं ३०७ के आरक्षण के लिए प्रस्ताव पास कर उसकी राज्य सरकार से मंजूरी भी ले लिया था | फिर भी मामला आगे नही बढ़ पाया | लेकिन दुबारा विधायक चुने जाने पर रशीद ताहिर मोमिन ने कब्रिस्तान के जमीन के प्रकरण को फिर आगे बढाया | यहाँ इस बात का उल्लेख आवश्यक है कि २००९ के विधानसभा चुनाव के ऐन पहले भिवंडी के तत्कालीन महापौर और विधान सभा के कांग्रेस के प्रत्याशी जावेद दलवी ने वोट की राजनीति और मौका परस्ती का नमूना पेश करते हुए आनन-फानन में कब्रिस्तान के रास्ते का भूमिपूजन कराया था | लेकिन आज तक वह रास्ता भी नही बन पाया | कब्रिस्तान के रास्ते में आ रही नई-नई बाधाओं के बावजूद विधायक रशीद ताहिर मोमिन ने फरवरी २०१० में कब्रिस्तान की जमीन के अधिग्रहण का रास्ता साफ करवा दिया | लेकिन फिर इसी बीच राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से एक स्थानी व्यक्ति ने सात-बारह पर पेंसिल से अपना नाम दर्ज कराकर मामले को उलझा दिया था | जिससे पुनः यह मामला अधर में लटक गया था | लेकिन २८ दिसंबर २०१० को विधायक रशीद ताहिर मोमिन ने मनपा आयुक्त सहित उससे सम्बंधित अधिकारियों के साथ बैठक करके इस काम में प्रगति लाने का काम फिर शुरू कर दिया | उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा पेंसिल से नाम चढाये जाने के सम्बन्ध में जब तहसीलदार से स्पष्टीकरण माँगा | जिसके फलस्वरूप ३० दिसंबर को ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय में हुई एक बैठक हुई जिसमें विधायक श्री मोमिन सहित भिवंडी मनपा और और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल थे | इस बैठक में भिवंडी के तहसीलदार ने अपना स्पष्टीकरण देकर उक्त ज़मीन को तुरंत कब्रिस्तान के लिए अधिग्रहित करने का सुझाव दिया | आखिरकार विधायक मोमिन की कोशिश रंग लाई और ठाणे के विशेष भूसंपादन अधिकारी ने भिवंडी के मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर सूचित किया है कि २७ जनवरी को कब्रिस्तान की जमीन का कब्ज़ा भिवंडी मनपा को दे दिया जाएगा | इसलिए इस जमीन का कब्जा लेने के लिए भिवंडी मनपा के प्रतिनिधि का रहना आवश्यक है | अब कब्रिस्तान की जमीन का कब्जा भिवंडी मनपा को मिल जायगा और यह जगह दफन के काम में आने लगेगी | विधायक रशीद ताहिर मोमिन के इस सराहनीय काम को अंजाम तक पहुंचाने के लिए भिवंडी शहर के तमाम सामाजिक और मुस्लिम समुदाय के संगठनों ने उन्हें बधाई दी है |
मुनीर अहमद मोमिन .
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